मानसिक व्यायाम भी हैं जरुरी

आज के समय में हम सब अपने शारीरिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूक है अच्छा खाने से लेकर जिम जाने तक हर संभव कोशिश करते हैं कि बीमारियों से बचे रहें लेकिन क्या हम जानते हैं कि अधिकतर बीमारियां Psychosomatic (psycho – मानसिक + somatic-शारीरिक)

होती है जैसे High Blood Pressure, Heart Disease, Migraine, Diabetes और Respiratory trouble

हमें अपने खाने से मिली हुई energy को शरीर अपने विभिन्न organs(अंग) को अपना कार्य करने के लिए प्रदान करता है जैसे पाचन क्रिया (Digestion), उत्सर्जन (Execration) और श्वसन (Respiration) आदि।

पर जब हम ज्यादा चिंतित अथवा डिप्रेशन या तनाव ग्रसित होते हैं तो हम इस सीमित energy को अत्यधिक सोचने में खर्च करने लगते हैं जिससे हमारे शरीर की बाकी क्रियाओ में बाधा आने लगती है जिससे शरीर अस्वस्थ हो जाता है व अनेक बीमारियां हो जाती हैं

इसीलिए हमें मानसिक स्वास्थ्य पर भी उतना ही ध्यान देना चाहिए जितना हम शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान देते हैं।

हम अपनी जीवनशैली में कुछ बातें जोड़ सकते हैं जैसे :-

1- रोज कुछ समय mindfulness (एकाग्र मन) मेडिटेशन को दें।

2- कुछ नया सीखे, आज इंटरनेट के दौर में हम घर बैठे बहुत कुछ नया सीख सकते हैं।

3- कुछ hobbies अपनाएं जो आपको खुशी दे।

4- एक जैसे डेली रूटीन से बचें।

5- पर्याप्त नींद ले और  सोने से 1 घंटे पहले मोबाइल ना देखें।

6- लोगों से जुड़े और अपने विचार व्यक्त करें।

7- नेचर के साथ कुछ समय बिताएं।

8- छोटे बच्चों के साथ खेलें।

9- अपनी नकारात्मक विचारों को सकारात्मक विचारो से भरें।

10- वर्तमान परिस्थितियों को कोसने के बजाय और क्या अच्छा कर सकते हैं इस पर ध्यान दें।

11- लोगो की कमियों की बजाय उनकी खूबियों पर ध्यान दे।

 ये कुछ ऐसी बाते हैं जो आपके तनाव को पूरी तरह तो शायद ख़त्म न कर पाए पर, कम जरूर कर सकती हैं। तो आज से ही इन बातो को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में लागु करना शुरू कीजिये और देखिये जिंदगी कैसे धीरे-धीरे तनाव मुक्त हो जाती है।

– अजिता अस्थाना, हरदोई (उत्तर प्रदेश)

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