समता द्वारा आयोजित प्रतियोगिता “मैं भी हूँ राम”, विजेताओं की घोषणा के साथ हुआ शानदार समापन

रमते कणे कणे इति रामः
अर्थात् जो कण कण में बसे हैं वही राम हैं।

श्रीराम की महिमा मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में आलोकित है। श्री राम एक आज्ञाकारी पुत्र,एक समझदार भाई, एक आदर्श पति, एक उदार मित्र और एक प्रजापालक राजा थे। वह हमेशा विद्वानों के प्रति सम्मान भाव  रखते थे। श्री राम जी 12 कलाओं से सम्पन्न थे। उनका जन्म लोक कल्याण और एक श्रेष्ठ मानव का आदर्श प्रस्तुत करने के लिए हुआ था। उन्होंने करुणा, त्याग, समर्पण, विनम्रता, मर्यादा, धैर्य और पराक्रम का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण संसार के सामने प्रस्तुत किया।

विजयदशमी के उपलक्ष्य में समता द्वारा आयोजित “मैं भी राम” ऑनलाइन प्रतियोगिता के माध्यम से बड़े ही हर्षोल्लास के साथ सरकारी व प्राइवेट विद्यालयों के लगभग 70 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया तथा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के प्रति अपनी भावनाओं के रूप में हमें संदेश, निबंध, गीत, कविता, चौपाई, दोहे, भजन, संवाद, नाट्य मंचन आदि को नई उमंगों के साथ हमें भेजा।

सभी प्रविष्टियाँ एक से बढ़कर एक थीं। बच्चों की भावनाओं में उनके संस्कारों की झलक साफ दिखाई देती है, जिससे स्पष्ट है कि ऐसे छोटे-छोटे प्रयास भारत को एक स्वर्णिम भारत बनाने में अपना विशेष योगदान देंगे। जिन छात्र-छात्राओं की बुनियाद ऐसी समर्पित भावनाओं से सजी हुई होती है। वह अवश्य ही देश का नाम ऊंँचाईयों तक ले जाते हैं। समता नमन करता है ऐसे माता-पिता को, ऐसे शिक्षकों को जो अपने छात्र छात्राओं में जीवन के प्रारंभ से ही ऐसी भावनाओं को गढ़ रहे हैं।

प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले 70 प्रतिभागियों में से विशेष प्रदर्शन करने वाले 5 प्रतिभागियों को निर्णायक मण्डल द्वारा विशिष्ट रूप से सम्मानित किया गया।  जिसमें प्रथम स्थान पर अनुश्री वर्मा (मध्यप्रदेश), द्वितीय स्थान पर जाह्नवी मालवीय (प्रयागराज), तृतीय  स्थान पर उज्जवल बलूनी (हरियाणा), चतुर्थ स्थान पर श्री मिश्रा (प्रयागराज) एवं पंचम स्थान पर अभिषेक कुमार (सहारनपुर) रहे। 

सभी प्रथम 5 प्रतिभागियों को ₹200 की नकद धनराशि एवं ऑनलाइन प्रमाण पत्रों द्वारा पुरस्कृत किया गया। अन्य सभी प्रतिभागियों को भी प्रतिभागिता प्रमाण पत्र द्वारा सम्मानित किया गया।

इस ‌ऑनलाइन प्रतियोगिता में हेमा तिवारी (SRG), आशा कमल,कंचन मलासी,मीनाक्षी वर्मा, आशिमा सिंह, डॉ. रमा रस्तोगी, नीतू सिंह, अनुराधा सैनी, श्वेता सक्सैना आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समता द्वारा आयोजित इन प्रतियोगिताओं की खास बात यह है कि इसमें प्रत्येक बच्चा बिना किसी वर्गीकरण यथा जिला स्तर-राज्य स्तर, सरकारी-प्राइवेट,अंग्रेजी माध्यम-हिंदी माध्यम, अमीर-गरीब, शहरी-ग्रामीण, परिषदीय-इंटरनेशनल आदि का भेद जाने बिना बेझिझक होकर प्रतिभाग करता हैं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर पुरस्कृत होता है।

समता हमेशा बच्चों के उज्जवल भविष्य एवं उत्कृष्ट सर्वांगीण विकास हेतु प्रयत्नशील है।

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