जानिए जामुन के क्या है चमत्कारी फायदे? क्यों माना जाता है हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज में बहुत फायदेमंद ?

जामुन एक मौसमी फल है, खाने में स्वादिष्ट होने के साथ ही इसके कई औषधीय गुण भी हैं। जामुन अम्लीय प्रकृति का फल है | जामुन में भरपूर मात्रा में ग्लूकोज और फ्रुक्टोज पाया जाता है। जामुन में कई प्रकार के मिनरल्स, जैसे कैल्शियम, आयरन और विटामिन सी अच्छी मात्रा में होते है। इस वजह से यह हड्डियों के लिए फ़ायदेमंद तो है ही, साथ ही शरीर की प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाता है।

जिन लोगों को खून की कमी है, उनके लिए जामुन का सेवन संजीवनी बूटी की तरह ही है। इसमें पोटेशियम की मात्रा अधिक है। 100 ग्राम जामुन-फ्रूट के सेवन से शरीर को 55 मिलीग्राम पोटेशियम मिलता है। पोटेशियम खनिज से दिल का दौरा, उच्च रक्तचाप और स्ट्रोक आदि का रिस्क कम होता है।

इसका केवल फल ही नहीं, बल्कि पत्तियों के भी काफी फायदे हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि जामुन जैसे रसीले फलों की पत्तियां मधुमेह, कैंसर, बवासीर, दस्त, पेचिस, पाचन, उच्च रक्तचाप  जैसी  समस्याओं में फ़ायदेमंद होती है।

जामुन के औषधीय गुण :

इसके औषधीय गुणों को विस्तार से जानिए,

1-जामुन रक्त में शक्कर की मात्रा को नियंत्रित करता है, जामुन के मौसम में इसके नियमित सेवन से डायबटीज़ के मरीज को फायदा होता है. इससे शुगर के मरीज को होने वाली समस्याएँ जैसे बार-बार प्यास लगना और बार-बार यूरिन पास होना आदि में भी लाभ पहुँचता है.

2-जामुन में पोटेशियम पर्याप्त मात्रा में होता है जो कि व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक आदि से बचाता है.

3-अगर किसी व्यक्ति में खून की कमी पाई जाती है, तो उसे भी जामुन का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिये, इससे व्यक्ति के शरीर में खून का स्तर बढ़ जाता है.

4-जामुन में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व जैसे कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन और विटामिन प्रचुर मात्रा में मौजूद होते है, जो कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते है.

5-आप मौसम के समय में जामुन के फलों का रस निकाल कर रख सकते है और फिर कभी उल्टी, दस्त या हैजा जैसी परेशानी होने पर इसे पानी के साथ उपयोग करने पर फायदा पहुँचता है.

जामुन की पत्तियों के फायदे:

1-किडनी स्टोन होने पर पानी ज्यादा पीने के साथ-साथ इसके नये ताजा पत्ते यानि कोंपलें लेकर पानी के साथ पीसकर चटनी बनाने के बाद उसमें काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर सेवन करने पर पथरी निकल जाती है।

2-अगर आप मुंह की दुर्गंध से परेशान है, तो जामुन के पत्ते चबाने और उसे चूसने से आपको लाभ मिलेगा.

3-जामुन के पत्तों का गाय के दूध के साथ सेवन से खूनी बवासीर मे लाभ पहुँचता है.

4- अगर आपके मसूड़ों में दर्द या खून आने की समस्या और पायरिया की परेशानी रहती है, तो ऐसे में आप जामुन के पत्तों को जलाकर राख बनाएं और दिन में 2 बार मंजन करें।

जामुन की गुठलियों के फायदे:

1-अगर शरीर पर कोई फफोला, जलन, घाव हो जाते हैं तो इसकी गुठली पानी में पीसकर रोजाना दो बार लगाने से ये घाव ठीक हो जाते हैं|

2-अगर आपका बच्चा रात मे बिस्तर में पेशाब करता है, तो उसे जामुन की गुठली के पाउडर की निश्चित मात्रा देने पर लाभ पहुचता है.  

3-अगर आप अपनी आवाज़ सुरीली बनाना चाहते है, तो जामुन की गुठलियों के पावडर को शहद के साथ सेवन करने से लाभ होगा.

4-जामुन की गुठलियों के पावडर के नियमित सेवन से शुगर के रोगियों को फायदा पहुँचता है.

हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज में जामुन के चमत्कारी फायदे जानकर  हैरान हो जायेंगे आप

जामुन एक मौसमी फल है. खाने में स्वादिष्ट होने के साथ ही इसके कई औषधीय गुण भी हैं. जामुन अम्लीय प्रकृति का फल है | जामुन में भरपूर मात्रा में ग्लूकोज और फ्रुक्टोज पाया जाता है.

मधुमेह के रोगियों को हर रोज 150 ग्राम जामुन खाना चाहिए। इसके नियमित सेवन से रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित किया जा सकता है।

जामुन में कई प्रकार के मिनरल्स, जैसे कैल्शियम, आयरन और विटामिन सी अच्छी मात्रा में होते है। इस वजह से यह हड्डियों के लिए फ़ायदेमंद तो है ही, साथ ही शरीर की प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाता है।

जिन लोगों को खून की कमी है, उनके लिए जामुन का सेवन संजीवनी बूटी की तरह ही है। इसमें पोटेशियम की मात्रा अधिक है। 100 ग्राम जामुन-फ्रूट के सेवन से शरीर को 55 मिलीग्राम पोटेशियम मिलता है। पोटेशियम खनिज से दिल का दौरा, उच्च रक्तचाप और स्ट्रोक आदि का रिस्क कम होता है।

इसका केवल फल ही नहीं, बल्कि पत्तियों के भी काफी फायदे हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि जामुन जैसे रसीले फलों की पत्तियां मधुमेह, कैंसर, बवासीर, दस्त, पेचिस, पाचन, उच्च रक्तचाप  जैसी  समस्याओं में फ़ायदेमंद होती है।

सावधानी –

1-जामुन को खाली पेट खाना अच्छा नहीं है। इसको खाना खाने के बाद लेना लाभदायक है। इसको ज्यादा मात्रा में खाने से हानि होती है।

2-जामुन खाना खाने के बाद खायें। तथा इसके सेवन से दो घंटे पूर्व व पश्चात् तक दूध नहीं पियें। दो घंटे के बाद ही दूध पियें।

3- ज्यादा मात्रा में जामुन खाने से शरीर में दर्द और बुखार आने की समस्या हो सकती है।

4-कभी भी जामुन का अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से फेफड़े संबंधी परेशानी का खतरा बढ़ जाता है।

5-दूध पिलाने वाली मांओं को कभी भी ज्यादा मात्रा में जामुन का सेवन नहीं करना खतरनाक हो सकता हैं।

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