मप्र: ग्वालियर के प्रथम सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र का माधव बाल निकेतन पर हुआ शुभारंभ

ग्वालियर। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के पश्चात राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर द्वारा अधिकृत ग्वालियर का प्रथम सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र आज दिनांक 26 नवंबर 2020 को माधव बाल निकेतन, लक्ष्मीगंज, ग्वालियर पर खोला गया है। 

इस अवसर पर जबलपुर से वर्चुअल शुभारम्भ माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय श्री संजय यादव जी, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, श्रीमती गिरीवाला सिंह सदस्य सचिव (राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण), श्री राजीव कर्महे जी-सचिव (राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण), श्री अरविंद श्रीवास्तव-उपसचिव (राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण) अन्य माननीय न्यायाधिपति तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव माननीय ऋतुराज सिंह चौहान जी एवं न्यायाधिपति श्री संजय जैन जी द्वारा किया गया। 

सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र के संचालक नूतन श्रीवास्तव और सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि यहां पर कोर्ट में जाने से पूर्व ही आप अपने प्रकरणों का या अपने विवादों का निपटारा हमारे द्वारा प्राप्त प्रशिक्षण के आधार पर दोनों पक्षों की आपसी सुलह के द्वारा कर सकते हैं। इस केंद्र पर किसी भी प्रकार के पारिवारिक विवाद, पति-पत्नी के विवाद, जमीनी विवाद, पड़ोसी से विवाद आदि प्रकरणों का निपटारा आपसी सुलह के आधार पर सिर्फ एक या दो बैठक में ही हो जाएगा। 

यदि कोई केस पूर्व में कोर्ट में लंबित है और दोनों पक्ष उसे सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र के माध्यम से निपटाना चाहते हैं तो वह सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र पर संपर्क कर सकते हैं। सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र पर प्रकरणों का निपटारा  होने के पश्चात पूर्व में जमा कोर्ट फीस भी वापस हो जाएगी। 

यदि किसी व्यक्ति का पूर्व में भी कोई प्रकरण कोर्ट में अगर चल रहा है और वह हमारे केंद्र के माध्यम से मध्यस्थता के द्वारा आपसी सुलह से अपना प्रकरण समाप्त कर लेता हैं, इस हेतु कोर्ट में जो फीस पूर्व में केस दाखिल करने के समय जमा की गई है वह भी वापस मिल जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में सबसे अधिक ध्यान देने वाली बात यह है, मध्यस्थता केंद्र पर किसी प्रकार का कोई भी अनावश्यक खर्च भी नहीं होता है।

– रोहित अस्थाना, सूर्याटाइम्स न्यूज़

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