सप्रेम दिवस पर ऑनलाइन श्रद्धांजलि समारोह सम्पन्न! प्रेम के प्रतिमूर्ति थे प्रेम नारायण लाल: उर्मिला दुबे

बिंद्राबाज़ार (आज़मगढ़) नवम्बर 21 ,2020: प्रेम ही परमात्मा है परमात्मा ही प्रेम है। प्रेम जगत में सार और कुछ सार नहीं है।प्रेम ही केवल राम पियारा जान लेहु जो जाननहारा। ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होय। जैसा नाम था वैसा ही उनका काम भी था।प्रेम के प्रतिमूर्ति थे प्रेम नारायण लाल जी। उक्त उदगार आज प्रातः 7:00 से 8.30 बजे तक गूगल मीट पर सन्त निरंकारी मंडल ब्रांच बिंद्राबाज़ार के तत्वावधान में आयोजित ऑनलाइन सत्संग में सप्रेम दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए श्रीमती उर्मिला दूबे (मुम्बई) ने कहा।

ज्ञातव्य हो कि 21 नवम्बर 2016 को नेशनल इंटर कालेज मुहम्मदपुर के इतिहास व उर्दू के प्रवक्ता,निरंकारी शाखा बिंद्राबाज़ार के पूर्व संयोजक व ज्ञानप्रचारक तथा लोकप्रिय समाजसेवी सन्त प्रेम नारायण लाल जी ब्रम्हलीन हुए थे। जिनकी याद में हर वर्ष (प्रेरणा दिवस) सप्रेम दिवस मनाया जाता है उसी प्रकार इस बार कोविड-19 के कारण ऑनलाइन यह कार्यक्रम किया गया।

सन्त प्रेम की याद में उड़ीसा से खिरोद जी,लखनऊ से धर्मेन्द्र श्रीवास्तव जी,दिल्ली से सुबास भगत व रफ़ीक जी, वाराणसी से शंकर शरण सिंह व देवी शंकर श्रीवास्तव जी,झारखण्ड से संतोष अग्रहरि जी,मुम्बई से सुबास गुप्ता जी, नोयडा से कौशल श्रीवास्तव जी,आजमगढ़ से डॉ राजमणि के अलावा सन्त जी की पत्नी माता सरोज अस्थाना, बड़े सुपुत्र डॉ. पुष्पेंद्र अस्थाना और ब्रांच के स्थानीय संयोजक टी.आर. भगत आदि ने अपने भाव व्यक्त करते हुए उन्हें याद किया।इसके अतिरिक्त बहुतायत लोग लिंक से जुड़ कर कर्यक्रम सुनते रहे। कार्यक्रम का कुशल व सफल संचालन सन्त प्रेम जी के दूसरे सुपुत्र इंजीनियर धर्मेन्द्र अस्थाना ने गाज़ियाबाद से किया।

सन्त श्री की प्रेरणा से उनके घर पर कुछ भक्तों को उनकी पत्नी ने प्रसाद कराया।शाम 7 बजे से ज़ूम एप्प पर “एक शाम प्रेम के नाम” के प्रोग्राम में एक कवि-सम्मेलन व मुशायरा और उसके बाद स्मृति-संगीत होगा।

प्रभारी सप्रेम संस्थान एवं निरंकारी मीडिया सहायक डॉ. पुष्पेंद्र अस्थाना ने यह सुचना देते हुए बताया क़ि श्री प्रेम नारायण लाल जी 21 नवम्बर 2016 को अपने नश्वर शरीर का त्याग करके इस निराकार में विलीन हुए थे। इन्होने मिशन को फ़ैलाने, निरंतर  मिशन व् समाज की सेवाओं में अमूल्य सहयोग जीवन पर्यंत देते रहे हैं।

रिपोर्ट: भूपेंद्र अस्थाना

error: