समता (SMTA) प्रतियोगिता (भाग 5) बाल दीप का विजेताओं की घोषणा के साथ हुआ शानदार समापन

स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन हर वर्ष 14 नवंबर को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।बच्चे प्यार से उन्हें चाचा नेहरू पुकारते थे।

वहीं कार्तिक मास की अमावस्या की रात पूर्णिमा की रात बन जाती है क्योंकि इसी दिन श्री राम 14 वर्ष का वनवास व्यतीत कर अयोध्या लौटे थे। दीपावली के पर्व की यह विशेषता है कि इसके साथ चार त्योहार और मनाये जाते हैं।दीपावली का उत्साह एक दिन का नहीं अपितु धनतेरस से आरम्भ होकर,नरक चतुर्दशी,दीपावली,गोवर्धन पूजा से होते हुए भैया दूज पर जाकर इस पर्व श्रृंखला का समापन हर्ष व उल्लास के साथ होता है।

चूँकि इस बार बाल दिवस व दीपावली का पर्व एक साथ था, इसलिए समता (SMTA) ने बहुत ही हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ त्योहारों के समूह दीपोत्सव, गोवर्धन,भाई दूज, जैसे पवित्र त्यौहार और बाल दिवस पर बाल दीप के रूप में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया,जिसमें बच्चों ने बहुत ही उत्साह एवं खुशी के साथ  प्रतिभाग किया।

85 प्रतिभागियों में से विशेष प्रदर्शन करने वाले 5 प्रतिभागियों को किया गया पुरस्कृत

प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले 85 प्रतिभागियों में से विशेष प्रदर्शन करने वाले 5 प्रतिभागियों को निर्णायक मण्डल द्वारा विशिष्ट रूप से सम्मानित किया गया। जिसमें प्रथम स्थान पर आराध्या (डुकलान, हरियाणा), द्वितीय स्थान पर विहान (हरियाणा), तृतीय  स्थान पर प्रियांशी चौहान (हसनपुर/अमरोहा उत्तर प्रदेश), चतुर्थ स्थान पर सुकन्या साहू (लखनऊ, उत्तर प्रदेश) एवं पंचम स्थान पर संजित कुमार (गजरौला/अमरोहा, उत्तर प्रदेश ) और समरीन, (जोया/अमरोहा, उत्तर प्रदेश) से रहे।

विभिन्न जनपदों, राज्यों से विभिन्न संस्थाओं के कक्षा 1 से 8 तक के छात्र – छात्राओं ने इसमें प्रतिभाग किया, जिसमें प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ एवं पंचम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को नकद 200 रुपए की धनराशि व ऑनलाइन प्रमाण पत्र द्वारा पुरस्कृत किया गया। सभी प्रतिभागियों को ऑनलाइन प्रतिभागिता प्रमाण पत्र भी दिए गए।

इस ऑनलाइन प्रतियोगिता में हेमा तिवारी (SRG), आशा कमल, कंचन मलासी, मीनाक्षी वर्मा, आशिमा सिंह, डॉ. रमा रस्तोगी, नीतू सिंह,अनुराधा सैनी, श्वेता सक्सैना और शैरी अस्थाना आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

समता द्वारा आयोजित इन प्रतियोगिताओं की खास बात यह है कि इसमें प्रत्येक बच्चा बिना किसी वर्गीकरण यथा जिला स्तर-राज्य स्तर, सरकारी-प्राइवेट,अंग्रेजी माध्यम-हिंदी माध्यम, शहरी-ग्रामीण, परिषदीय-इंटरनेशनल आदि का भेद जाने बिना बेझिझक होकर प्रतिभाग करता हैं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर पुरस्कृत होता है।

बच्चों की भावनाओं में, उन्नति में हर पल साथ दे रहे है समता (SMTA), छात्र-छात्राओं का सर्वोत्तम व सर्वांगीण विकास में समता (SMTA) का महत्वपूर्ण प्रयास।

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